राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र

टी ई क्यू आई पी

तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (TEQIP), विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दक्षता और गतिशीलता बढ़ाए जाने के लिए भारत सरकार की पहल पर आधारित है| यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 10 वीं योजना के दौरान 1339 करोड़ रुपये के कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया था| हरियाणा उन छह राज्यों में से एक है जो भाग लेने के लिए चुना गया था प्रथम चक्र के प्रथम चरण के कार्यक्रम में, उनकी प्रतिबद्धता और परियोजना के लिए तैयारियों के आधार पर | फरवरी 2003 में भारत सरकार, छह प्रतिभागी राज्यों और विश्व बैंक के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए |

तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के उद्देश्य हैं:

  • स्नातक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सुधार
  • स्नातक शिक्षा के लिए सुविधाएं बढ़ाना
  • बेहतर शैक्षिक अनुशासन और बेहतर शासन के माध्यम से शिक्षा प्रक्रिया की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाना
  • स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों में सुधार
  • प्रायोजित अनुसंधान और कंसल्टेंसी गतिविधियों में सुधार
  • नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू करना

हरियाणा में, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र एक अगर्णीय संस्थान के रूप में चयनित किया गया है और आठ पड़ोसी संस्थानों, एनआईटी श्रीनगर, एन आई टी हमीरपुर, एनआईटी, जालंधर; वायएमसीए फरीदाबाद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी डी सी आर विश्वविद्यालय , मुरथल, के यू के, जी जे यू, हिसार, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक नीलोखेरी को नेटवर्क संस्थाओं के रूप में इसके साथ संलग्न किया गया है |

संस्थान के लिए 5 साल की अवधि में 19.00 करोड़ रुपए की राशिआनी है |

संस्थान में विकास गतिविधियाँ निम्नलिखित शीर्षों के अंतर्गत अच्छी तरह से प्रगति कर रही हैं | नेटवर्क संस्थाओं के साथ संयुक्त कार्यक्रमों के प्रयास भी किए जा रहे हैं :

  • मौजूदा प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं का आधुनिकीकरण
  • कर्मचारी और संकाय विकास
  • पुस्तकों और अन्य शिक्षण संसाधन की खरीद
  • नेटवर्किंग गतिविधियां
  • समुदाय और अर्थव्यवस्था के लिए सेवाएँ