राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र

विभागाध्यक्ष का संदेश

मुझे भारत के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग में आपका हार्दिक स्वागत है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का अनुशासन सबसे गतिशील रूप से बदलती और कभी विकसित होने वाली शाखा है। यह वर्तमान युग में इस क्षेत्र में तेजी से बदलती प्रौद्योगिकियों को देखते हुए महत्वपूर्ण है। यह परिवर्तन से निपटने के लिए एकेडेमिया में समान परिवर्तन के लिए कहता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए नींव के रूप में कार्य करता है।

हमारे विभाग का शिक्षण, सीखने और अनुसंधान में नवाचार और रचनात्मकता के साथ लगभग 46 वर्षों का इतिहास है। विभाग की दृष्टि उद्योग और विभिन्न अनुसंधान संगठनों की सेवा के लिए योग्य और तकनीकी रूप से कुशल इंजीनियरों का उत्पादन करना है। यह अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में हाथों के अनुभव के बाद व्याख्यान के दौरान गहन सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करके प्राप्त किया जाता है। विभाग इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के डोमेन पर पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहा है, जो उभरते हुए इंजीनियरों को पेशेवर रूप से तैयार करने के लिए आवश्यक हैं। यह सब विभाग के योग्य और अनुभवी संकाय सदस्यों द्वारा संभव किया गया है।

विभाग संचार इंजीनियरिंग में बी.टेक और एम.टेक प्रदान करता है और पीएच.डी. अन्य विशिष्ट आला क्षेत्रों में। हमारे पास एम्बेडेड सिस्टम और वीएलएसआई, संचार इंजीनियरिंग, माइक्रोवेव और सैटेलाइट इमेज प्रोसेसिंग आदि में अच्छी तरह से सुसज्जित और परिष्कृत लैब्स हैं। वर्तमान में, विभाग में कई शोध परियोजनाएं चल रही हैं। उच्चतम गुणवत्ता संकाय सदस्यों की देखरेख में इस तरह के एक मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम के बाद, मुझे यकीन है कि विभाग के सभी उत्तीर्ण छात्र अपने हित के क्षेत्र में उद्योग और अनुसंधान संगठनों में बड़ी परियोजनाओं को संभालकर देश की अच्छी सेवा करने में सक्षम हैं।

इसलिए, मैं आपसी जरूरतों को पूरा करने के लिए उद्योग, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य अनुसंधान संगठनों को विभाग के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान में प्रवेश करने के लिए आमंत्रित करना चाहूंगा।

मुझे विश्वास है कि स्टाफ के सदस्य और छात्र अपने-अपने डोमेन में उच्च स्तर की व्यावसायिक क्षमता दिखा कर विभाग की जिम्मेदारी और विश्वसनीयता को पूरा करेंगे।

सभी को सफलता मिले

डॉ नीरज प्रताप सिंह

विभागाध्यक्ष